शपथ पत्र पर स्टांप शुल्क 400% बढ़ा, सामान्य वर्ग पर बढ़ा बोझ
शिवपुरी। प्रदेश सरकार ने शपथ पत्र पर लगने वाले स्टांप शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है। पहले जहां शपथ पत्र मात्र 10 और 20 रुपए में बन जाते थे, अब वही शुल्क क्रमशः 50 और 100 रुपए कर दिया गया है। यानी कुल मिलाकर स्टांप शुल्क में 400 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। यह नई दरें 1 जनवरी 2025 से लागू होंगी।
सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से राजस्व में बढ़ोतरी होगी, लेकिन आम जनता का कहना है कि यह फैसला सीधे तौर पर उनकी जेब पर असर डालेगा। शपथ पत्र की ज़रूरत नौकरी, प्रवेश, कोर्ट, बैंक, ज़मीन-जायदाद और अन्य सरकारी कामों में पड़ती है। ऐसे में हर बार अधिक शुल्क देना सामान्य वर्ग के लिए अतिरिक्त बोझ साबित होगा।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया:
“हर छोटी प्रक्रिया के लिए शपथ पत्र बनवाना पड़ता है। शुल्क बढ़ने से छात्रों और बेरोजगारों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।” – छात्र
“महंगाई पहले ही कमर तोड़ रही है। अब शपथ पत्र महंगे होने से रोज़मर्रा के काम भी मुश्किल हो जाएंगे।” – व्यापारी
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को राजस्व बढ़ाने के और भी साधन तलाशने चाहिए, न कि सीधे आम जनता पर बोझ डाला जाए।
👉 अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करेगी या आम जनता को ही इस नए खर्च का सामना करना पड़ेगा?

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