शिवपुरी, मध्य प्रदेश |
जिले में पशु सड़कों पर घूम रहे हैं और इसके कारण हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामला शनिवार देर रात का है, जब एक आलू से भरा भारी ट्रक शिवपुरी के पास गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। यह ट्रक उत्तर प्रदेश से असम की ओर जा रहा था। गनीमत रही कि इस हादसे में चालक और क्लीनर को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और समाज दोनों के सामने खुला सवाल खड़ा कर दिया है: क्या आवारा मवेशियों की समस्या को नजरअंदाज किया जा सकता है?


🐄 गाय को बचाने के चक्कर में ट्रक पलटा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना शिवपुरी जिले के NH-3 (ग्वालियर-शिवपुरी रोड) पर हुई। आलू से लदा ट्रक तेज गति में था कि अचानक एक गाय सड़क पार करने लगी। चालक ने मवेशी को बचाने के लिए ब्रेक मारे और ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया।

आलू की बोरियां सड़क पर बिखर गईं और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक चालक और क्लीनर को बाहर निकाला गया। वाहन को बाद में क्रेन की मदद से हटाया गया।


📊 2 महीने में 24 से अधिक मवेशियों की मौत

शिवपुरी जिले में पिछले दो महीनों के भीतर 24 से ज्यादा मवेशियों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। आए दिन गाय, बैल और अन्य मवेशी सड़कों पर भटकते रहते हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ये हादसे जानलेवा भी साबित हुए हैं।


⚠️ प्रशासनिक उदासीनता या संसाधनों की कमी?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम और ग्राम पंचायतों द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ने की कोई प्रभावी योजना लागू नहीं की गई है। न ही कहीं कोई गौशाला सक्रिय रूप से काम कर रही है, और न ही टैगिंग या ट्रैकिंग जैसी व्यवस्था है।

एक स्थानीय नागरिक ने कहा:
“गाय को बचाने के चक्कर में आदमी अपनी जान दांव पर लगा रहा है। शासन-प्रशासन सिर्फ कागज़ों पर काम कर रहा है।”


📌 मांगें और सुझाव

  • सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के लिए शहर से बाहर गौशालाओं की व्यवस्था की जाए।

  • सभी मवेशियों की डिजिटल टैगिंग और निगरानी की जाए।

  • NH और मुख्य सड़कों के किनारे सुरक्षा रेलिंग या मवेशी रोधी अवरोधक लगाए जाएं।

  • नगर पालिका/ग्राम पंचायत द्वारा पशु पकड़ने की नियमित गश्त चलाई जाए।


🚨 निष्कर्ष

शिवपुरी में आवारा मवेशियों की समस्या सिर्फ ट्रैफिक बाधा नहीं, बल्कि एक जानलेवा खतरा बन चुकी है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और गंभीर रूप ले सकती हैं। इस हादसे को चेतावनी के रूप में लेकर प्रशासन को अब कार्रवाई करनी ही होगी।


रिपोर्ट: DEEPAK RAWAT
प्रकाशन तिथि: 16 अगस्त 2025