शिवपुरी के छापी गांव में किसान खुद नष्ट कर रहे मक्के की फसल, सर्वे में हो रही देरी
शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील के छापी गांव में किसान इन दिनों गहरे संकट से गुजर रहे हैं। खेतों में खड़ी मक्के की फसल सूख चुकी है और खाद (यूरिया) की भारी किल्लत के कारण किसानों को मजबूरी में खुद ही अपनी फसल नष्ट करनी पड़ रही है। इस स्थिति से परेशान किसान अब अगली फसल की तैयारी के लिए जुताई कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से फसल नुकसान का सर्वे अभी तक नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
🌾 फसल सूखने से टूटी किसानों की कमर
इस वर्ष कोलारस क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से मक्के की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। किसान किसी तरह से फसल को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन समय पर यूरिया खाद न मिलने से मक्का सूखने लगी। अब हालात यह हो गए हैं कि किसान खुद ही ट्रैक्टर से फसल को जोत रहे हैं ताकि जल्दी से जल्दी अगली फसल (सोयाबीन या सरसों) की बुवाई कर सकें।
📝 सर्वे की मांग पर 'कोई आदेश नहीं आया' का जवाब
किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल खराबे की सूचना पटवारी और ग्राम सचिव को दी, ताकि नुकसान का सर्वे किया जा सके। लेकिन उन्हें जवाब मिला कि "अभी तक कोई आदेश नहीं आया है", जबकि प्रदेश सरकार ने पहले ही सूखा प्रभावित इलाकों में सर्वे करने के निर्देश जारी कर दिए थे।
एक किसान की व्यथा:
“हमारा सब कुछ इस मक्का पर ही निर्भर था। अब जब फसल ही नहीं रही तो क्या खाएंगे, क्या बेचेंगे? और सरकार को अभी तक आदेश भेजने हैं?”
🏢 प्रशासन का दावा – सर्वे शुरू हो चुका है
इस मामले में कोलारस के एसडीएम अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि शासन की ओर से सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कुछ रिपोर्टें आना भी शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में खाद आपूर्ति भी की जा रही है, लेकिन यह प्रक्रिया धीरे-धीरे हो रही है।
❗ किसानों की मांग
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सर्वे तुरंत कराया जाए और नुकसान का मुआवजा जल्द दिया जाए।
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यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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सूखा प्रभावित गांवों की सूची सार्वजनिक की जाए।
📌 निष्कर्ष
छापी गांव की यह स्थिति मध्य प्रदेश के कई अन्य ग्रामीण इलाकों की भी झलक दिखाती है, जहां जलवायु संकट, आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं और प्रशासनिक लापरवाही मिलकर खेती को और भी कठिन बना रहे हैं। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह संकट और गहराएगा।
रिपोर्ट: DEEPAK RAWAT
दिनांक: 16 अगस्त 2025

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