शिवपुरी। जिले के ग्राम गोरा टीलाकला की सड़कें जर्जर हालात में हैं। बारिश के बाद इन रास्तों पर बने गड्ढों और तेज बहाव के कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। गांव के लोगों का कहना है कि इन सड़कों की वजह से उन्होंने अपने परिजनों को खोया है—किसी ने बच्चा गंवाया, किसी की बहू की जान गई, तो कोई तेज पानी के बहाव में बह गया।

इन हालातों से आक्रोशित ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि जो सरकार जनता के दर्द को नहीं समझ सकती, उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करती है, ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सालों से सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। सड़क के गड्ढों और बरसाती पानी के तेज बहाव से कई बार लोगों की जान खतरे में पड़ी है, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।

ग्रामीण बोले:
 "सरकार वोट के समय वादे करती है, लेकिन हमारी तकलीफें कोई नहीं सुनता।"
 "हमने अपनों को खोया है, सरकार की लापरवाही ने हमारी खुशियों को छीन लिया।"

ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

 अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण बदहाल सड़कों और सरकारी उदासीनता का शिकार होते रहेंगे? क्या प्रशासन अब जागेगा, या ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ेगा?