जिला शिवपुरी के ग्राम डेहरवारा में सरकारी लापरवाही से तंग आकर ग्रामीणों ने खुद ही विकास का जिम्मा उठा लिया। डेहरवारा से खौंकर रेलवे स्टेशन तक जाने वाली तीन प्रमुख सड़कों की हालत लंबे समय से खराब थी। बरसात में यह सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती थीं, जिससे पैदल चलना और वाहन चलाना दोनों मुश्किल हो जाता था।

कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। आखिरकार, गांव के किसानों ने आपसी सहमति से ₹2,000-₹2,000 का चंदा इकट्ठा किया और खुद मोरम डलवाकर सड़क मरम्मत का काम पूरा करवाया।

एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा — “चुनाव आने दो, तब हम सरकार को देख लेंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि अब विकास के वादों पर भरोसा नहीं, अगर सरकार बुनियादी सुविधाएं नहीं दे सकती तो जनता अपने दम पर काम करवाएगी और चुनाव में जवाब भी देगी।

डेहरवारा की यह पहल साबित करती है कि जब जनता ठान ले, तो किसी भी हालात में अपने हक के लिए आगे बढ़ सकती है।