बड़े फैसले से पहले अब्दुल्लाह आजम की भूमिका अहम, सपा छोड़ने की चर्चाएँ
लखनऊ: सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। लेकिन रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने शत्रु संपत्ति मामले में उनके खिलाफ 3 नई धाराएँ जोड़ दी हैं, जिससे जेल से बाहर आने में समय लग सकता है।
इस बीच आजम खान परिवार और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच नाराजगी की खबरें चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने हाल ही में फोन पर आजम परिवार से बात की थी। इसके अलावा बसपा और अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी आजम परिवार से संपर्क में हैं।
हालांकि, आजम खान और सपा के रिश्ते बहुत गहरे हैं। सूत्रों का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद भी आजम खान पार्टी छोड़ने का निर्णय तुरंत नहीं लेंगे। अब्दुल्लाह आजम, आजम खान के बेटे, अखिलेश यादव से नाराज हैं और अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
सपा के भीतर यह प्रयास जारी है कि आजम परिवार और सैफई परिवार के बीच कोई दरार न पड़े। पिछले अनुभवों के आधार पर, आजम खान पहले भी सपा छोड़ चुके हैं, लेकिन बड़े ऑफर मिलने के बावजूद किसी अन्य दल में शामिल नहीं हुए और सपा में मजबूत वापसी की।
अगले कुछ हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि जेल से रिहाई के बाद आजम खान और उनका परिवार राजनीतिक दिशा में क्या कदम उठाते हैं। इस बार फैसले में अब्दुल्लाह आजम की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।

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