देहरादून में बादल फटा, मंदिर, दुकानों-घरों में मलबा घुसा
शिमला, देहरादून । उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार सुबह 5 बजे बादल फटा। इससे तमसा, कारलीगाड़, टोंस और सहस्त्रधारा नदी में जलस्तर बढ़ गया। सहस्त्रधारा समेत आसपास के इलाके तपोवन, आईटी पार्क, घंगौरा, घड़ी कैंट इलाकों में पानी भर गया। कई सडक़ें बह गईं।
तमसा नदी के किनारे बने टपकेश्वर महादेव मंदिर में पानी भर गया। यहां मौजूद दुकानें बह गईं। 2 लोग लापता हैं। सहस्त्रधारा में 5 लोगों को बचाया गया। विकास नगर में टोंस नदी में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। इस दौरान मजदूरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में बह गई। इसमें 8 लोगों की मौत और 4 के लापता होने की खबर है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी ने बताया कि सुबह 5 बजे नदी में बाढ़ आई, पूरा मंदिर डूब गया, कई मूर्तियां बह गईं। हालांकि, गर्भगृह सुरक्षित है। पानी उतरने पर मंदिर में 2 फीट मलबा दिखा।
उधर, हिमाचल के मंडी के धर्मपुर बस स्टैंड में भी रात में हुई बारिश के बाद मलबा भर गया। बाढ़ में कई बसें दूर तक बह गईं। राज्य में 3 नेशनल हाईवे बंद हैं। 493 सडक़ों पर आवाजाही ठप है। मंडी के ही निहरी में लैंडस्लाइड के कारण 3 की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, पास की एक चट्टान का मलबा एक घर पर गिर गया, जिससे वह ढह गया। इसमें एक ही परिवार के 5 लोग मलबे में दब गए।

'ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार भारत-पाक ने साझा की परमाणु ठिकानों की सूची
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी
ODI क्रिकेट पर मंडराया खतरा, अश्विन बोले – 2027 वर्ल्ड कप के बाद कुछ भी तय नहीं
रावतपुरा देवस्थानम में मदन मोहन मालवीय जन्मोत्सव का भव्य समापन