FASTag यूजर्स के लिए अलर्ट, घर पर खड़ी गाड़ी से भी कट सकता है टोल
बिलासपुर: आपकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी हो और अचानक मोबाइल पर मैसेज आए कि उसने टोल प्लाजा पार किया हैं, और पैसे कट गए ऐसे में आप तो चौंक ही जाएंगे। कुछ ऐसा ही हुआ शुभम विहार निवासी वत्सल तिवारी के साथ, जिनकी कार सीजी 10 एपी 7776 पर कोटक बैंक का फास्टटैग (Fastag) से 105 रुपए का टोल कट गया। मैसेज आने के बाद पीड़ित ने NHAI से शिकायत की है।
कार के मालिक के पाल NHAI का आया मैसेज
कार के मालिक वत्सल तिवारी ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजकर 22 मिनट पर उनके मोबाइल पर एनएचएआई से मैसेज आया कि उनकी कार ने भोजपुरी टोल प्लाजा से गुजरते हुए 105 रुपए का भुगतान प्राप्त हुआ है। मैसेज में यह भी दर्ज था कि गाड़ी 24 अगस्त 2025 को टोल से गुजरी। पेमेंट के बाद उनके फास्टटैग अकाउंट का बैलेंस घटकर 230 रुपए रह गया। वत्सल तिवारी को हैरानी हुई की उनकी कार तो घर के बाहर 1 माह से खड़ी हुई हैं, फिर वह भोजपुरी टोल प्लाजा कैसे पहुंच गई।
मैसेज के बाद वह अपनी गाड़ी को घर के बाहर निकल कर देखा तो गाड़ी जहां पर खड़ी की थी वही पर खड़ी हैं। वत्सल ने तुरंत गाड़ी चेक की और फिर बैंक से संपर्क कर इस लेन-देन को अवैध बताया। साथ ही NHAI के टोल-फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई। मामले में जब एनएचएआई अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि कई बार तकनीकी खामी के चलते ऐसी गड़बड़ी सामने आती हैं। इस तरह की एंट्री हो जाती है तो जांच के बाद गलत कटे पैसे वापस किए जाते है।
क्या करें अगर फास्टटैग से गलत पैसे कटे तो
अगर फास्टटैग से गलत कटौती हो तो सबसे पहले टोल प्लाजा या एनएचएआई टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करें। इसके बाद बैंक के कस्टमर केयर को भी सूचित करें। एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुसार, सही पाए जाने पर 24 से 72 घंटे के भीतर पैसा वापस कर दिया जाता है।
तकनीकी गड़बड़ी बनी चुनौती
फास्टटैग से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई बार एक ही वाहन पर डुप्लीकेट एंट्री दर्ज हो जाती है, जिससे अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। पीड़ित का कहना है अगर टोल पर फास्टटैग स्कैन नहीं होने पर उन्होंने कई बार टेक्ट की राशी डबल अदा की है। अगर उनकी गाड़ी का फास्टटैग स्कैन ही नहीं हुआ तो किस तरह से मैन्वुवली पैमेंट के आधार पर बैंक से राशी कट गई।
क्या कहते हैं NHAI ऑफिसर
NHAI मैनेजर राजेश्नर सूर्यवंशी ने कहा कि कभी-कभी तकनीकी दिक्कत के कारण इस तरह के मैसेज चले जाते है। उपभोक्ता को चिंता करने की जरूरत नहीं है। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच की जाती है और यदि कटौती गलत पाई जाती है तो पूरा पैसा वापस किया जाता है।

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