कजरी तीज पर बनाएं सत्तू के लड्डू - स्वाद, परंपरा और भक्ति से भरा यह खास त्योहारी प्रसाद
कजरी तीज का नाम आते ही मन में सजधजकर व्रत करने वाली महिलाओं की तस्वीर, पूजा की थाली, और स्वादिष्ट सत्तू के पकवान का ख्याल आ जाता है. उत्तर भारत के कई हिस्सों में ये त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर सुहागिन महिलाएं इस दिन का बेसब्री से इंतजार करती हैं. इस मौके पर घर-घर में सत्तू से बने लड्डू, पराठे और मिठाइयां तैयार होती हैं. माना जाता है कि कजरी तीज पर सत्तू का भोग लगाने से माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलता है, अगर आप भी इस बार कजरी तीज पर घर में आसानी से स्वादिष्ट सत्तू के लड्डू बनाना चाहती हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए बिल्कुल सही है.
कजरी तीज और सत्तू का रिश्ता
कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस बार कजरी तीज 12 अगस्त 2025 को है इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. कई जगह इसे सातुड़ी तीज भी कहा जाता है. परंपरा के अनुसार इस दिन सत्तू का खास महत्व होता है. सत्तू न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा है बल्कि इसकी मिठास भक्ति में और भी रंग भर देती है.
सत्तू के लड्डू बनाने के लिए सामग्री
सत्तू – 1 कप
पिसी हुई चीनी – ½ कप (स्वाद अनुसार कम-ज्यादा कर सकती हैं)
घी – ¼ कप
कटे हुए पिस्ता – 2 टेबलस्पून
कटे हुए बादाम – 2 टेबलस्पून
इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच
नारियल का बूरा – 1 टेबलस्पून
बनाने की विधि
1. सबसे पहले एक कढ़ाई में घी डालकर धीमी आंच पर गरम करें.
2. गरम घी में सत्तू डालें और लगातार चलाते हुए हल्का भूरा होने तक भूनें. ध्यान रहे, सत्तू जल्दी जल सकता है, इसलिए आंच और चलाने का रफ्तार सही रखें.
3. सत्तू हल्का सुनहरा होते ही इसमें इलायची पाउडर डालकर मिला दें.
4. अब इसमें कटे हुए पिस्ता और बादाम डालें और अच्छी तरह मिलाएं.
5. गैस बंद करके मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें.
6. ठंडा होने पर पिसी हुई चीनी डालें और सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करें.
7. अब हाथों में थोड़ा सा घी लगाकर छोटे-छोटे लड्डू बनाएं.
8. लड्डुओं के ऊपर नारियल का बूरा लपेट दें ताकि स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाएं.
टिप्स
1. आप चाहें तो इसमें किशमिश या काजू भी डाल सकती हैं.
2. अगर ज्यादा हेल्दी वर्जन बनाना चाहती हैं तो चीनी की जगह गुड़ पाउडर इस्तेमाल करें.
3. लड्डू बनाने से पहले मिश्रण को ज्यादा ठंडा न करें, वरना घी जम सकता है और लड्डू बांधना मुश्किल हो जाएगा.

'ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार भारत-पाक ने साझा की परमाणु ठिकानों की सूची
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी
ODI क्रिकेट पर मंडराया खतरा, अश्विन बोले – 2027 वर्ल्ड कप के बाद कुछ भी तय नहीं
रावतपुरा देवस्थानम में मदन मोहन मालवीय जन्मोत्सव का भव्य समापन