राहुल गांधी पर एक्शन लेगा चुनाव आयोग ? कर्नाटक CEO ने सबूत के साथ शपथ पत्र मांगा
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को सबूतों के साथ दावा किया कि कर्नाटक की मतदाता सूची में गलत तरीके से लोगों के नाम जोड़े गए और एक निर्वाचन क्षेत्र में 1,00,250 वोटों की 'चोरी' हुई है. राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने कांग्रेस नेता से हलफनामे के साथ उन मतदाताओं के नाम साझा करने को कहा है.
राहुल गांधी को लिखे पत्र में राज्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, "आपने मतदाता सूची में अयोग्य मतदाताओं को शामिल करने और योग्य मतदाताओं को बाहर करने के बारे में उल्लेख किया... आपसे अनुरोध है कि कृपया मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 20(3)(बी) के तहत संलग्न घोषणा या शपथ पर हस्ताक्षर करें तथा उन मतदाताओं के नाम सहित वापस भेजें, ताकि आवश्यक कार्यवाही शुरू की जा सके."\
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि कर्नाटक के सीईओ को गुरुवार शाम तक राहुल गांधी से हस्ताक्षरित घोषणापत्र मिलने की उम्मीद है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल ने दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोटों की चोरी हुई है, जिसमें 11,965 मतदाता फर्जी और अवैध पते वाले हैं, 40,009 मतदाता फर्जी और अवैध पते वाले हैं, 10,452 मतदाता सामूहिक या एकल पते वाले हैं, 4,132 मतदाता अवैध फोटो वाले हैं और 33,692 मतदाता नए मतदाताओं के फार्म 6 का दुरुपयोग कर रहे हैं.
वहीं, उनके खिलाफ चुनाव आयोग की संभावित कार्रवाई से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, "वे (ईसीआई) मुझे निशाना नहीं बनाते. वे मुझ पर हमला करने से बहुत डरते हैं. उन्होंने मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है क्योंकि वे जानते हैं कि मैं सच बोल रहा हूं. वे बोलते हैं लेकिन मुझ पर हमला नहीं करते क्योंकि अगर उन्होंने हमला किया होता तो मुझ पर आपराधिक प्रक्रिया और सब कुछ होता. ऐसा कुछ नहीं हो रहा है क्योंकि वे जानते हैं कि यह सच है. वे जानते हैं कि यह बुलेटप्रूफ है."
पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मैं राजनेता हूं. मैं लोगों से जो कहता हूं, वही मेरा वचन है. मैं इसे सार्वजनिक रूप से सभी से कह रहा हूं. इसे शपथ की तरह लीजिए. यह उनका (चुनाव आयोग) डेटा है, और हम उनका डेटा दिखा रहे हैं. यह हमारा डेटा नहीं है. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने (आयोग) इस जानकारी से इनकार नहीं किया है. उन्होंने यह नहीं कहा है कि जिस मतदाता सूची की बात राहुल गांधी कर रहे हैं, वह गलत है. आप उन्हें गलत क्यों नहीं कहते? क्योंकि आप सच्चाई जानते हैं. आप जानते हैं कि हम भी जानते हैं कि आपने पूरे देश में ऐसा किया है."

'ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार भारत-पाक ने साझा की परमाणु ठिकानों की सूची
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी
ODI क्रिकेट पर मंडराया खतरा, अश्विन बोले – 2027 वर्ल्ड कप के बाद कुछ भी तय नहीं
रावतपुरा देवस्थानम में मदन मोहन मालवीय जन्मोत्सव का भव्य समापन