शिवभक्त ध्यान दें: सावन में इन रंगों से बनाएं दूरी, वरना नहीं मिलेगा आशीर्वाद
अयोध्या: भोलेनाथ का पवित्र महीना सावन शुरू होने वाला है. यह पूरा महीना भगवान शंकर को समर्पित होता है. इस दौरान शिव भक्त भोलेनाथ की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करते हैं उनके शिवलिंग पर जलाभिषेक कर उनकी विशेष कृपा भी प्राप्त करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा करते समय सावन महीने में किस रंग के कपड़े आप पहन रहे हैं यह भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. कुछ रंग शुभ होते हैं, तो वहीं कुछ रंग अशुभ भी माने जाते हैं.
पूजा पाठ करने के लिए हमेशा कुछ रंग के कपड़े को ही पहनना चाहिए. वैसे सावन का महीना शुरू होने वाला है और इस महीने शिव भक्त भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा आराधना करते हैं, तो अगर आप भी पूजा आराधना कर रहे हैं, तो आपको पूजा पाठ के दौरान किस रंग का कपड़ा पहनना चाहिए. इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं.
सावन में कौन सा रंग है शुभ
दरअसल, अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 9 अगस्त को होगा. इस महीने विशेषकर हरे रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ माना जाता है. जहां सुहागिन महिलाएं हरे रंग की साड़ी और हरी चूड़ी पहनकर तैयार होती हैं, तो वहीं सावन के महीने में मान्यता है कि हरे रंग के कपड़े पहनने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं.
साथ ही माता पार्वती का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. अगर आप सावन में पूजा कर रहे हैं, तो आप विशेषकर हल्का गुलाबी सफेद, हरा रंग जैसे कपड़े ही धारण करें. मान्यता के अनुसार नारंगी लाल, पीला, गुलाबी कुछ ऐसे रंग होते हैं जिन्हें शुभ माना जाता है.
सावन में न पहने ये रंग
इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी रंग होते हैं जिन्हें सावन में पहनने से बचना चाहिए. अगर आप सावन में काला रंग के कपड़े धारण करते हैं, तो इससे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. इसके अलावा, अगर आप भगवान शंकर की पूजा आराधना कर रहे हों, तो आपको भुरे और खाकी रंग के कपड़े को भी पहनने से बचना चाहिए. यह अशुभता का प्रतीक माना जाता है

'ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार भारत-पाक ने साझा की परमाणु ठिकानों की सूची
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी
ODI क्रिकेट पर मंडराया खतरा, अश्विन बोले – 2027 वर्ल्ड कप के बाद कुछ भी तय नहीं
रावतपुरा देवस्थानम में मदन मोहन मालवीय जन्मोत्सव का भव्य समापन