Adani Power की बड़ी डील: 600 मेगावाट की विदर्भ पावर यूनिट का 4,000 करोड़ में अधिग्रहण
अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने 600 मेगावाट क्षमता वाली विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड (वीआईपीएल) का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह अधिग्रहण दिवाला प्रक्रिया के तहत 4,000 करोड़ रुपये में हुआ। एपीएल ने मंगलावर को यह जानकारी दी।
एपीएल ने एक बयान में कहा कि 18 जून ,2025 को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने इस अधिग्रहण योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद 7 जुलाई को योजना को पूरी तरह लागू कर दिया गया।
एपीएल की परिचलान क्षमता 18,150 मेगावट हो गई
वीआईपीएल महाराष्ट्र के नागपुर जिले के बुटीबोरी में स्थित है और इसमें 2×300 मेगावाट के घरेलू कोयला-आधारित संयंत्र शामिल हैं। इसके अधिग्रहण के बाद अदाणी पावर की परिचलान क्षमता बढ़कर 18,150 मेगावट तक पहुंच गई है।
एपीएल का 2029-30 का लक्ष्य
एपीएल ने कहा कि वह 2029-30 तक अपनी क्षमता को 30,670 मेगावाट तक पहुंचाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत अडानी पावर देशभर में कई ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं पर काम कर रही है।
कंपनी कर रही है छह ब्राउनफील्ड परियोजनाओं का निर्माण
कंपनी वर्तमान में अपने छह ब्राउनफील्ड अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट्स (यूएससीटीपीपी) का निर्माण कर रही है, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 1,600 मेगावाट होगी। ये संयंत्र सिंगरौली-महान (मध्य प्रदेश), रायपुर, रायगढ़, कोरबा (छत्तीसगढ़) और कवाई (राजस्थान) में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में 1,600 मेगावाट की ग्रीनफील्ड यूएससीटीपीपी का भी निर्माण कर रही है। साथ ही, कंपनी कोरबा में 1,320 मेगावाट के सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट के निर्माण को भी पुनर्जीवित कर रहा है, जिसे इसने पहले अधिग्रहित किया था।
सभी के लिए बिजली का विजन
एपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसबी ख्यालिया ने कहा कि हम अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए 'सभी के लिए बिजली' के भारत के विजन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि देश की सतत विकास यात्रा को सस्ती और भरोसेमंद बेस-लोड बिजली के माध्यम से समर्थन दिया जा सके।
अदाणी समूह की कंपनी एपीएल भारत की सबसे बड़ी निजी ताप विद्युत उत्पादन कंपनी है। कंपनी के पास गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में ताप विद्युत संयंत्रों में 18,150 मेगावाट की स्थापित क्षमता है। इसके अलावा, गुजरात में 40 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का भी संचालन किया जा रहा है।

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