सीसीआई बैठक में सिंधु जल समझौते पर होगी अहम चर्चा, पाकिस्तान की शहबाज सरकार की रणनीति पर सवाल
भारत के पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लिए जाने के बाद से पाकिस्तान घबराया हुआ है। सिंधु जल समझौते रोक लगाने के बाद से पाकिस्तान को सूखे का डर सता रहा है। इस बीच पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आज सीसीआई की बैठक बुलाई है। सिंध सरकार के अनुरोध पर पाकिस्तान में प्रधानमंत्री ने आज सीसीआई की बैठक बुलाई है।
सिंध के वरिष्ठ मंत्री शरजील इनाम मेमन ने इसकी जानकारी दी है। यह बैठक पहले 2 मई को होनी थी, लेकिन सिंध सरकार के अनुरोध पर इसे आज ही की जा रही है। शरजील इनाम ने आगे बताया कि नहर परियोजनाओं के मुख्य मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और इस मामले पर आज निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
समर्थन वापस लेने का दिया अल्टीमेटम
सिंध में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के प्रभाव पर प्रकाश डाला, जिसके कारण पूरे प्रांत में यातायात में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ है और व्यापार प्रभावित हुआ है।
उधर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) का कहना है कि आगामी कॉउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट (CCI) की बैठक में अगर नहर का मसला हल नहीं हुआ तो PPP अपना समर्थन वापस ले लेगी।
पाकिस्तान को हुआ भारी नुकसान
शरजील इनाम ने बताया है भारत सरकार के फैसले से पाकिस्तान को बहुत नुकसान हो रहा है। एक तो माल का परिवहन बंद हो गया था, जिससे व्यापार और किसानों दोनों को नुकसान हुआ, क्योंकि माल को अन्य प्रांतों में नहीं ले जाया जा सका।'
कई संगठनों ने कहा कि वे CCI की बैठक में निर्णय होने तक अपना विरोध प्रदर्शन बंद नहीं करेंगे, मेमन ने उनकी अपील पर विचार करने और बैठक को आज करने के फैसले के लिए संघीय सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत में विश्वास करती है और उम्मीद है कि CCI की बैठक के निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हो जाएगा।
सिंधु नदी पर 6 नहरें बनाने का प्रस्ताव
दरअसल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने सिंधु नदी पर 6 नहरें बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे नदी का पानी पंजाब के किसानों को मिल सके। वहीं सिंध प्रांत इसके सख्त खिलाफ है। PPP भी सिंध के लोगों के समर्थन में उतर आई है। PPP का कहना है कि अगर पंजाब में नदी पर नहर बनी तो सिंध में पानी की कमी हो जाएगी।

'ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार भारत-पाक ने साझा की परमाणु ठिकानों की सूची
उस्मान ख्वाजा का संन्यास? पांचवें एशेज टेस्ट से पहले तोड़ सकते हैं चुप्पी
ODI क्रिकेट पर मंडराया खतरा, अश्विन बोले – 2027 वर्ल्ड कप के बाद कुछ भी तय नहीं
रावतपुरा देवस्थानम में मदन मोहन मालवीय जन्मोत्सव का भव्य समापन