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पिता की मौत पर बिलखती रही बेटी, एक पिता ने सड़क पर बेटे की गोद में दम तोड़ा

आपदा में दर्द की तस्वीरें

शिवपुरी ! ब्यूरो नेटवर्क इंडिया न्यूज

कोरोना महामारी के इस आपदाकाल में हर दिन ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़े करने के साथ मानवता को भी सर झुकाने पर मजबूर कर रही हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में कोरोना से हुई मौत के बाद मृतक की बेटी ने प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं एक अन्य घटना में चिकित्सक से दवा लेकर लौट रहे वृद्ध ने अपने बेटे की गोद में सड़क पर ही दम तोड़ दिया। बेटा अपने पिता के शव को गोद में लिए घंटो बैठा रहा, मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। कई बार फोन करने पर एंबुलेंस भी नहीं आई। गनीमत रही कि पुलिस सही समय पर पहुंची और संवेदनाएं दिखाते हुए फिजिकल थाना प्रभारी ने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव गांव तक पहुंचवाया।

जिला अस्पताल में शनिवार को कोरोना संक्रमण से ओमप्रकाश शर्मा की मौत हो गई। उनकी बेटी एकता शर्मा का कहना है कि पिता को 10 दिन पहले भर्ती कराया था। तीन दिन तक वह नीचे ही पड़े रहे और किसी ने इलाज नहीं किया। कल रात से जब तबीयत बिगड़ी, तो डॉक्टर बुलाने के लिए गुहार लगाती रहीं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा कि डॉक्टर आ रहे हैं। चार घंटे बाद डॉक्टर आए और पल्स चेक करने के बाद बोले कि पल्स ठीक आ रही है। इसके कुछ देर बाद पिता की मौत हो गई। यहां पर डॉक्टर ठीक से देख तक नहीं रहे हैं। जब कई नेताओं से फोन लगवाया तब कहीं पापा को आइसीयू में भर्ती किया था। डॉ. दिनेश राजपूत भी देखने आते थे तो कहते थे कि इनके फेफड़े खराब हैं और कई बीमारियां गिना देते थे। आखिर चिकित्सक का काम बीमारी को ही तो ठीक करना है। यहां चिकित्सक ठीक से इलाज ही नहीं दे रहे हैं। सिर्फ नाम के लिए राउंड पर आते हैं और पल्स चेककर चले जाते हैं।

 

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