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गैस त्रासदी के जख्म

वह काला दिन; जब भोपाल में लाशें ढोने के लिए गाड़ियां छोटी और कफन कम पड़ गए

शिवपुरी ! ब्यूरो नेटवर्क इंडिया न्यूज

1984, दो-तीन दिसंबर की रात… यह वह रात थी जिसका दर्द भोपाल आज भी नहीं भूल पाया और शायद कभी भूला भी नहीं पाएगा। पूरा शहर चैन की नींद ले रहे था, तभी भोपाल के बड़े इलाके में लाशों के ढेर बिछ गए। इतनी लाशें हो गई कि ढोने के लिए गाड़ियां छोटी पड़ गईं। अस्पताल में कफन कम पड़ गए। यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के प्लांट नंबर सी के टैंक नंबर 610 से लीक हुई मिथाइल आइसोसाइनेट ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया। उस घटना का दंश आज की पीढ़ी भी भुगत रही है। उस रात को तस्वीरों में कैद किया था सीनियर फोटोग्राफर कमलेश जैमिनी ने। वह तब कंपनी के ऑफिशियल फोटोग्राफर भी थे। 14 दिन तक वे घर नहीं गए थे। त्रासदी की 36वीं बरसी पर उनकी 20 तस्वीरों में देखिए चंद लोगों की लापरवाही कभी खत्म न होने वाला कैसा दर्द दे गई…

गैस त्रासदी की 36वीं बरसी पर 3 दिसंबर को सेंट्रल लाइब्रेरी के बरकतउल्ला भवन में सुबह 10:30 बजे सर्वधर्म प्रार्थना सभा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर गैस त्रासदी में जान गवांने लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही सभी धर्मग्रंथों का पाठ धर्मगुरुओं द्वारा किया जाएगा।

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